Dheere dheere re

10/9/2025Aria s1
Sing a peaceful, meditative Hindi bhajan with mature male folk-devotional vocals (Prahlad Singh Tipanya style).the music is minimal yet haunting. With tanpura, subtle tabla, and the raw power of stillness, it allows every word to breathe. There’s no rush here—only the rhythm of yearning, of unseen threads pulling hearts toward something eternal. pauses for breath and contemplation धीरे धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होए। माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होए॥ बीज बोया धरती में, सपनों का संसार। माली रोज जल देता, करता स्नेह अपार॥ सोचे क्यों ना पल खिले, क्यों खाली डाली होए। कबीर वाणी कहे माली, धीरज रख सब होए॥ धीरे धीरे रे मना, सब कुछ समय से होए॥ बालक पूछे गुरु से, कब मिलेगा ज्ञान। गुरु बोले सुन शिष्य रे, धीरज रख भगवान॥ जैसे दिन में सूरज है, रात में चाँद उजाला। समय आने पर ही होगा, सत्य का दीदार प्यारा॥ धीरे धीरे रे मना, सब कुछ समय से होए॥ किसान खेत में मेहनत करे, हर दिन बीज गिराए। बरखा जब हो सही ऋतु में, सोना उपजाए॥ मनुष्य भी कर्म करे, पर पल का लोभ ना पाए। सही समय पे प्रभु कृपा, हर मन इच्छा पूरी होए॥ धीरे धीरे रे मना, सब कुछ समय से होए॥ भरोसा रख प्रभु पर, दुख सब मिट जाए। धीरज से जग जीते, धैर्य से सुख पाए॥ सच्चा प्यार वही पाए, जो रखे विश्वास। सहनशीलता से ही मिले, जीवन का प्रकाश॥ कबीर की वाणी अमर है, धैर्य में ही प्रीत। धीरे धीरे रे मना, धीरज से ही जीत॥