दिल की यें बातें तुम्हीं से, तुमसे हैं दिल की यें बातें।
दिल के ये किस्से हैं कैसे, कैसी हैं दिल की यें बातें।।
ख़ुद की पनाहों में सिमटी, बेज़ार ओ तनहा सी रातें।
इस दिल की धड़कन तुम्हीं से, तुमसे ही ये आशना है।।
क़िस्मत से हमको मिली है सतरंगी सी जिन्दग़ी ये।
जैसी भी है पर भली है, अतरंगी सी जिन्दग़ी ये।।
हर पल तुम्हीं से उजाला है, तुमनें ही हमको संभाला है।
इस दिल की धड़कन तुम्हीं से, तुमसे ही ये आशना है।।
ना तो अक़ीबत की चिन्ता, बेफिक्र सा है ये जीवन।
आने की आहट से उनकी, ख़ुशबू से महके मेरा मन।।
नज़रों में तुम को बसाया है, पलकों में सबसे छुपाया है।
इस दिल की धड़कन तुम्हीं से, तुमसे ही ये आशना है।।
तुम बिन जियें कैसे जीवन, तुमसे हैं रिश्तों के बंधन।
तुमसे ही ख़ुशियाँ जहाँ में, महके मेरा जैसे तन-मन।।
जीवन में 'अयन' के तुम आए, तुम्हीं तो हमको हो भाए।
इस दिल की धड़कन तुम्हीं से, तुमसे ही ये आशना है।।